इंदौर के सुपर कॉरिडोर स्थित इंफोसिस परिसर में नया सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक-2 तैयार हुआ है। राज्य सरकार ने 15 सितंबर की सूचना में मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा 16 सितंबर को इसके उद्घाटन का कार्यक्रम बताया है।

नया ब्लॉक 3.30 लाख वर्गफीट में विकसित है। विस्तारित केंद्र से क्लाउड, एप्लीकेशन डेवलपमेंट, AI, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा में कंपनी की क्षमताएं बढ़ाने की योजना है।

कॉलेजों से कौशल प्रशिक्षण का जुड़ाव

इंफोसिस की IIT इंदौर, IIM इंदौर और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के साथ कौशल कार्यक्रमों तथा संस्थागत साझेदारी का विस्तार करने की भी योजना है। कंपनी के इंदौर केंद्र में अभी 3,300 से अधिक कर्मचारी हैं। वे बैंकिंग, स्वास्थ्य, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए काम करते हैं।

भवन में कम ऊर्जा वाली कूलिंग, स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन, वर्षाजल संग्रह और इस्तेमाल किए गए पानी के पुनर्चक्रण जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।

गहराई: जगह से समझिए

हाट खुला। तराजू पर रखो, फिर बात। सुर्खी यह है: इंफोसिस इंदौर में 3.30 लाख वर्गफीट का नया ब्लॉक तैयार, 16 सितंबर को उद्घाटन तय हाट इसे इंदौर से पढ़ता है। सार यही रहा: सुपर कॉरिडोर के परिसर में Software Development Block-2 बना है। कंपनी के मौजूदा इंदौर केंद्र में 3,300 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। विषय आईटी है। इससे आगे की गहराई उसी तथ्य को खोलती है — नया दावा नहीं।

जगह, समय, काम

खबर की पहली पहचान जगह है। इंदौर। अगर आपके जिले का नाम इसमें है, तो पन्ना आपके काम का है। अगर नहीं, तो भी प्रक्रिया वही हो सकती है — कॉलेज, पोर्टल, घर, शेड या ड्रिल चौकी पर। तारीख लेख के ऊपर और स्रोत बॉक्स में दो जगह लिखी है। हाट तारीख नहीं घुमाता।

मूल सूचना का शीर्षक स्रोत में यों है: इंफोसिस इंदौर के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक-2 के उद्घाटन का कार्यक्रम। हमने उसे खींचा, अपनी ज़बान में समझाया, लिंक नीचे रखा। सरकारी साइट खबर का क्लिक नहीं है।

तीन बातें, खोलकर

1. नया भवन: 3.30 लाख वर्गफीट। हाट इसे दोहराता है ताकि पाठक को रटने की ज़रूरत न पड़े। मतलब साफ़ है: यह बिंदु विज्ञप्ति का है, हमारे अनुमान का नहीं। इंदौर में इसका असर आपको अपने काउंटर पर जाँचना होगा।

साफ़ भाषा में: नया भवन: 3.30 लाख वर्गफीट। जगह इंदौर है। हाट इसे मंच की तस्वीर से नहीं, काम की जगह से पढ़ता है। तारीख स्रोत बॉक्स में है। अगर आपके घर, शेड, स्कूल या अड्डे पर इसका असर है, तो उसी दिन पर्ची मिलाइए। जो नहीं लिखा गया — हर लाभार्थी का नाम, हर शिविर की घड़ी — उसे हम नहीं गढ़ते। न सरकार का पोर्टल बनना है, न निंदा लिखनी है।

2. उद्घाटन की घोषित तारीख: 16 सितंबर। हाट इसे दोहराता है ताकि पाठक को रटने की ज़रूरत न पड़े। मतलब साफ़ है: यह बिंदु विज्ञप्ति का है, हमारे अनुमान का नहीं। इंदौर में इसका असर आपको अपने काउंटर पर जाँचना होगा।

इंदौर वाले ठहरिए। वाक्य दोहराते हैं: उद्घाटन की घोषित तारीख: 16 सितंबर। इसके बाद की कथा आप अपनी गली में पूरी करते हैं — बैंक, कॉलेज, वर्कशॉप, घर या दमकल चौकी पर। हाट केवल उतना लिखता है जितना स्रोत ने दिया। बाकी सवाल पूछिए अपने दफ्तर से। पूरी बात इसी पन्ने पर है; बाहर के सरकारी क्लिक खबर नहीं हैं।

3. IIT, IIM और DAVV से साझेदारी बढ़ाने की योजना। हाट इसे दोहराता है ताकि पाठक को रटने की ज़रूरत न पड़े। मतलब साफ़ है: यह बिंदु विज्ञप्ति का है, हमारे अनुमान का नहीं। इंदौर में इसका असर आपको अपने काउंटर पर जाँचना होगा।

हाट खुला। तराजू पर रखो, फिर बात। इंदौर से यह पंक्ति खुलती है: IIT, IIM और DAVV से साझेदारी बढ़ाने की योजना। हाट इसमें नई संख्या नहीं जोड़ता। जो आँकड़ा पहले पन्ने पर है, वही रहेगा। जो गली, घंटा या सिर का हिसाब स्रोत ने नहीं लिखा, हम अनुमान से नहीं भरते। पाठक को वही करना है जो स्रोत ने बताया — पोर्टल, दफ्तर या काउंटर। व्हाट्सऐप वाला लिंक आगे बढ़ाने से पहले इसी पन्ने का स्रोत बॉक्स खोलिए। कार्ड सरकार की साइट पर नहीं ले जाता।

हाट खुला। तराजू पर रखो, फिर बात। इंदौर से यह पंक्ति खुलती है: इंदौर के सुपर कॉरिडोर स्थित इंफोसिस परिसर में नया सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक-2 तैयार हुआ है। राज्य सरकार ने 15। हाट इसमें नई संख्या नहीं जोड़ता। जो आँकड़ा पहले पन्ने पर है, वही रहेगा। जो गली, घंटा या सिर का हिसाब स्रोत ने नहीं लिखा, हम अनुमान से नहीं भरते। पाठक को वही करना है जो स्रोत ने बताया — पोर्टल, दफ्तर या काउंटर। व्हाट्सऐप वाला लिंक आगे बढ़ाने से पहले इसी पन्ने का स्रोत बॉक्स खोलिए। कार्ड सरकार की साइट पर नहीं ले जाता।

साफ़ भाषा में: नया ब्लॉक 3.30 लाख वर्गफीट में विकसित है। विस्तारित केंद्र से क्लाउड, एप्लीकेशन डेवलपमेंट, AI, मशीन लर्निंग और। जगह इंदौर है। हाट इसे मंच की तस्वीर से नहीं, काम की जगह से पढ़ता है। तारीख स्रोत बॉक्स में है। अगर आपके घर, शेड, स्कूल या अड्डे पर इसका असर है, तो उसी दिन पर्ची मिलाइए। जो नहीं लिखा गया — हर लाभार्थी का नाम, हर शिविर की घड़ी — उसे हम नहीं गढ़ते। न सरकार का पोर्टल बनना है, न निंदा लिखनी है।

हाट खुला। तराजू पर रखो, फिर बात। इंदौर से यह पंक्ति खुलती है: इंफोसिस की IIT इंदौर, IIM इंदौर और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के साथ कौशल कार्यक्रमों तथा संस्थागत साझेदारी का। हाट इसमें नई संख्या नहीं जोड़ता। जो आँकड़ा पहले पन्ने पर है, वही रहेगा। जो गली, घंटा या सिर का हिसाब स्रोत ने नहीं लिखा, हम अनुमान से नहीं भरते। पाठक को वही करना है जो स्रोत ने बताया — पोर्टल, दफ्तर या काउंटर। व्हाट्सऐप वाला लिंक आगे बढ़ाने से पहले इसी पन्ने का स्रोत बॉक्स खोलिए। कार्ड सरकार की साइट पर नहीं ले जाता।

साफ़ भाषा में: भवन में कम ऊर्जा वाली कूलिंग, स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन, वर्षाजल संग्रह और इस्तेमाल किए गए पानी के पुनर्चक्रण ज। जगह इंदौर है। हाट इसे मंच की तस्वीर से नहीं, काम की जगह से पढ़ता है। तारीख स्रोत बॉक्स में है। अगर आपके घर, शेड, स्कूल या अड्डे पर इसका असर है, तो उसी दिन पर्ची मिलाइए। जो नहीं लिखा गया — हर लाभार्थी का नाम, हर शिविर की घड़ी — उसे हम नहीं गढ़ते। न सरकार का पोर्टल बनना है, न निंदा लिखनी है।

पाठक अभी क्या करे

एक: सुर्खी और तारीख अपने फ़ोन में सहेजिए। दो: स्रोत बॉक्स का लिंक खोलकर मूल पन्ना देखिए — शेयर करने से पहले। तीन: इंदौर के दफ्तर, पोर्टल या काउंटर पर अपनी पर्ची मिलाइए। चार: जो संख्या इस पन्ने पर नहीं है, उसे किसी ग्रुप से मत उठाइए। पाँच: कार्ड आपको सरकार की साइट पर नहीं भेजता; पूरी बात यहीं है।

घर बैठे करना हो तो आधिकारिक पोर्टल और बैंक या संस्था का अपना पन्ना खोलिए। व्हाट्सऐप वाला greyscale पोस्टर काफी नहीं। हाट पोस्टर की जगह रिपोर्ट लिखता है।

जो लिखा नहीं गया

हर सिर का हिसाब, हर गली का पता, हर शिविर की घड़ी — अगर स्रोत ने नहीं दिया, हाट नहीं गढ़ता। फोटो फ़ाइल हो सकती है; कैप्शन ईमानदार रहेगा। न सरकार का पोर्टल बनना है, न सरकार की निंदा। बीच में खड़े होकर समझाना है।

हाट इस खबर को ऐसे क्यों लिख रहा है

हाट काम और हाट की खबर है। पहले तौल, फिर ताली। पहचान विषय और जगह से आती है। संख्या वही रहेगी जो स्रोत ने दी। अंदाज़ बोलचाल का रहेगा — अधूरे टुकड़े नहीं, पूरे वाक्य। इंदौर से शुरू करो, मंच की ताली से नहीं।

मुख्य बातें

  • नया भवन: 3.30 लाख वर्गफीट।
  • उद्घाटन की घोषित तारीख: 16 सितंबर।
  • IIT, IIM और DAVV से साझेदारी बढ़ाने की योजना।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्यप्रदेश जनसंपर्क · इंफोसिस इंदौर के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक-2 के उद्घाटन का कार्यक्रम ↗15 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

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