मार्गम उन्मेष 75 रचना; राग यमन कल्याण
21 जून 2026, 20:45। संस्कृति विभाग, 14 अंचल। शासकीय संगीत एवं ललित कला महाविद्यालय सहित संस्थान। भोपाल जनजातीय संग्रहालय, संगीत संध्या। भरतनाट्यम: पुणे की सुश्री स्मिता महाजन; शिष्याएँ हार्दिका फड़के, सिद्धि पाटिल, सिद्धि तार्डे। क्रम: विनायक स्तुति, मल्लारी, देवी कौतुकम्, दो पदम, तिल्लाना राग देश। ग्रंथ ‘मार्गम उन्मेष’—स्वयं रचित 75 रचनाएँ, तीन खंड। गायन: सुश्री प्रदक्षिणा भट्ट, राग यमन कल्याण; बड़ा ख़याल “मेरा मन बाँध लीनो रे”, छोटा “रंग दे रंग रेजवा”; तराना-तिरबट; समापन भजन “मोहन की राधा”। संगत: हारमोनियम श्री चैतन्य भट्ट; तबला रतलाम श्री तल्लीन त्रिवेदी। पुष्पगुच्छ: संचालक श्री एन.पी. नामदेव, उप संचालक डॉ. पूजा शुक्ला। चित्र संध्या का फ्रेम है, 14 अंचल एक साथ नहीं।

